कोई वजह तो हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
सुबह जागने रात सोने की
हंसने की और रोने की
जब तक साँस चले इस तन में
प्रण कुछ ऐसा कर जीवन में
हो आशा के दीप नयन में
कोई न भूखा रहे शयन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
हो रही है गंगा मैली
भर रही धनकुबेर की थैली
अब तो बदलो जीवन शैली
फिर प्रकृति हो नई नवेली
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
पोंछ सको आंसूँ किसी के
काम आ सको तुम सभी के
फिर लहराए गीत पवन में
झूम उठे हर फूल चमन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
ना सोना हो ना हो चाँदी
रहे न कोई जग मे बाँदी
खुशहाली हो हर आँगन में
फिर आ बैठे वो जीवन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
है जो ऊपर नील गगन में
झाँक रहा जो सबके मन में
ऐसे बरसे वो कण कण में
रहे न दूरी नर नारायण में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
जीवन ज्योत संजोने की
सुबह जागने रात सोने की
हंसने की और रोने की
जब तक साँस चले इस तन में
प्रण कुछ ऐसा कर जीवन में
हो आशा के दीप नयन में
कोई न भूखा रहे शयन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
हो रही है गंगा मैली
भर रही धनकुबेर की थैली
अब तो बदलो जीवन शैली
फिर प्रकृति हो नई नवेली
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
पोंछ सको आंसूँ किसी के
काम आ सको तुम सभी के
फिर लहराए गीत पवन में
झूम उठे हर फूल चमन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
ना सोना हो ना हो चाँदी
रहे न कोई जग मे बाँदी
खुशहाली हो हर आँगन में
फिर आ बैठे वो जीवन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
है जो ऊपर नील गगन में
झाँक रहा जो सबके मन में
ऐसे बरसे वो कण कण में
रहे न दूरी नर नारायण में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
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