सोमवार, 10 सितंबर 2012

koi wajah to ho hone ki-hindi


 

कोई वजह तो हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की
सुबह जागने रात सोने की
हंसने की और रोने की

जब तक साँस चले इस तन में
प्रण कुछ ऐसा कर जीवन में
हो आशा के दीप नयन में
कोई न भूखा रहे शयन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की

हो रही है गंगा मैली
भर रही धनकुबेर की थैली
अब तो बदलो जीवन शैली
फिर प्रकृति हो नई  नवेली
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की

 पोंछ सको आंसूँ किसी के
काम आ सको तुम सभी के
फिर लहराए गीत पवन में
झूम उठे हर फूल चमन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की

ना सोना हो ना हो चाँदी
रहे न कोई जग मे बाँदी
खुशहाली हो हर आँगन में
फिर आ बैठे वो जीवन में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की

है जो ऊपर नील गगन में
झाँक रहा जो सबके मन में
ऐसे बरसे वो कण कण में
रहे न दूरी नर नारायण में
बस वजह यही हो होने की
जीवन ज्योत संजोने की 

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