तेरी रूह महसूस होती है
इन हवाओं में कोई खुशबू महसूस होती है
मुझे आस-पास ही तेरी रूह महसूस होती है
हर तरफ छाई है इक ख़ामोशी सी
जाने क्यूँ उसमे भी तेरी गुफ्तगू महसूस होती है
तेरा होना ही शायद इस बात का सबूत है
हर अँधेरे में मुझे रौशनी महसूस होती है
हर बात पे निकल आते हैं मेरी आँख से आँसूं
क्या करूँ हर बात पे तेरी जुस्तजू महसूस होती है
तू आरज़ू है के मंजिल है मेरी
हर कदम पर तेरी कमी महसूस होती है
हो ज़मीं के हो फ़लक अय खुदा
तेरी रहमत मुझे हर-सू महसूस होती है
इन हवाओं में कोई खुशबू महसूस होती है
मुझे आस-पास ही तेरी रूह महसूस होती है
हर तरफ छाई है इक ख़ामोशी सी
जाने क्यूँ उसमे भी तेरी गुफ्तगू महसूस होती है
तेरा होना ही शायद इस बात का सबूत है
हर अँधेरे में मुझे रौशनी महसूस होती है
हर बात पे निकल आते हैं मेरी आँख से आँसूं
क्या करूँ हर बात पे तेरी जुस्तजू महसूस होती है
तू आरज़ू है के मंजिल है मेरी
हर कदम पर तेरी कमी महसूस होती है
हो ज़मीं के हो फ़लक अय खुदा
तेरी रहमत मुझे हर-सू महसूस होती है
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