सोमवार, 10 सितंबर 2012

har rote ko ab hansna hoga-hindi


                                                     हर रोते को अब हँसना होगा

ख़ुश्क हो गयी है शाखें,हमें संभलना होगा
इस तस्वीर को दोस्तों अब बदलना होगा
जड़ें सूख न जाएँ इस वृक्ष की
इसके पहले ही उस मिटटी को पलटना होगा
बाँध के रखें इस सब्र को कब तक
बाँध को आख़िर तो फटना  होगा
सहम जाएँ जब फूल माली को देख
हर हाल में उस माली को हटना होगा
इस अँधेरे को छटना होगा,हर रोते को अब हँसना होगा   

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